अम्बयो यन्त्यध्वभिर्जामयो Series - श्लोक 1-4
पृञ्चतीर्मधुना पयः ॥१॥
हम जानते हैं कि अम्बु (जल) दोनों दिशाओं से बहते हुए हमें जीवनदायिनी शक्ति और मधुर दूध प्रदान करे।
English:
We know that water flows from both sides and grants us life-giving strength and sweet nourishment.
अम्बयो = जल / अमृत | यन्ति = जाते हैं / बहते हैं | अध्वभिः = दिशाओं से | जामयो = जीवन देने वाला | अध्वरीयताम् = प्रवाहित हो | पृञ्चतीः = विभाजित / विस्तृत | मधुना = मधु / मधुर | पयः = दूध
ता नो हिन्वन्त्वध्वरम् ॥२॥
हम जानते हैं कि सूर्य और अन्य शक्तियाँ हमें बाधा न पहुँचाएँ, बल्कि जीवन को सुरक्षित बनाएँ।
English:
We know that the Sun and other forces do not harm us, but safeguard our life.
अमूर्या = हानिकारक नहीं | उप = के पास / नजदीक | सूर्ये = सूर्य | याभिः = जिनके द्वारा | वा = या | सह = साथ | ता = वह | नो = हमारे लिए | हिन्वन्तु = नष्ट करें / क्षति पहुँचाएँ | अध्वरम् = मार्ग / पथ
सिन्धुभ्यः कर्त्वं हविः ॥३॥
हम जानते हैं कि जो पानी देवी के रूप में है, जहाँ गायें पीती हैं, वहां से हवि (बलिदान/ऊर्जा) हमारे लिए प्राप्त हो।
English:
We know that the water in the form of a goddess, where cows drink, provides us with energy and offerings.
अपः = जल | देवीरुप = देवी के रूप में | ह्वये = बन जाए | यत्र = जहाँ | गावः = गायें | पिबन्ति = पीती हैं | नः = हमारे लिए | सिन्धुभ्यः = सिंधु / स्रोत | कर्त्वं = करें | हविः = बलिदान / शक्ति
अपामुत प्रशस्तिभिरश्वा भवथ वाजिनो गावो भवथ वाजिनीः ॥४॥
हम जानते हैं कि जल में अमृत और औषधियाँ हैं, और पानी द्वारा घोड़े, गायें और अन्य जीवनदायिनी जीव संपन्न हों।
English:
We know that water contains amrita (nectar) and medicinal properties, and through water, horses, cows, and other life-giving beings flourish.
अप्सु = जल में | अन्तरम् = बीच / भीतर | अमृतम् = अमृत / जीवनदाता | अप्सु = जल में | भेषजम् = औषधि | अपाम् = जल | उत्त = श्रेष्ठ | प्रशस्तिभिः = गुणों द्वारा | अश्वाः = घोड़े | भवथ = हों | वाजिनो = बलशाली / शक्ति संपन्न | गावः = गायें | भवथ = हों | वाजिनीः = बलशाली
